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ज्योतिष

ज्योतिष के बारे में

राशिफल, राशिचक्र और ज्योतिष की गहराई में जाएँ

ज्योतिष क्या है?

ज्योतिष एक प्राचीन विद्या है जो ग्रहों, तारों और अन्य आकाशीय पिंडों की स्थिति और गति का अध्ययन करती है और मानव जीवन पर उनके प्रभाव का विश्लेषण करती है।

मूल विचार यह है कि आकाशीय पिंडों की स्थिति और गति व्यक्तित्व, व्यवहार और जीवन की घटनाओं को आकार देती है। यह गणित, खगोल और दर्शन का एक समृद्ध संगम है, जिस पर आज भी करोड़ों लोग मार्गदर्शन के लिए भरोसा करते हैं।

ज्योतिष का इतिहास

ज्योतिष लगभग 4,000 वर्ष पुराना है। इसका विकास प्राचीन बेबीलोन, मेसोपोटामिया, मिस्र, ग्रीस, भारत और चीन में हुआ।

12-राशि वाला राशिचक्र अपने वर्तमान रूप में प्राचीन ग्रीस में आकार लेता है। भारतीय ज्योतिष — जिसे 'ज्योतिष' कहा जाता है — हज़ारों साल पुरानी अपनी परम्परा रखता है जिसमें जन्म कुण्डली, दशा और ग्रहों के प्रभाव पर विशेष ज़ोर दिया गया है।

राशिचक्र और 12 राशियाँ

राशिचक्र आकाश में सूर्य के दिखावटी पथ को 12 बराबर भागों में बाँटता है। हर भाग एक राशि है।

हर राशि के अपने लक्षण, शक्तियाँ, कमज़ोरियाँ और व्यक्तित्व हैं। राशियाँ चार तत्वों में बँटी हैं: अग्नि, पृथ्वी, वायु और जल।

तत्व

अग्नि
अग्नि राशियाँ (मेष, सिंह, धनु) ऊर्जावान, साहसी और नई चुनौतियों के लिए उत्सुक होती हैं। ये स्वाभाविक नेता होती हैं।
पृथ्वी
पृथ्वी राशियाँ (वृष, कन्या, मकर) स्थिर, व्यावहारिक और भरोसेमंद होती हैं। योजना के साथ चलना और स्थायित्व इन्हें पसंद है।
वायु
वायु राशियाँ (मिथुन, तुला, कुम्भ) बुद्धिमान, सामाजिक और कुशल संवाद-कर्ता होती हैं। नए विचारों से प्रेम करती हैं।
जल
जल राशियाँ (कर्क, वृश्चिक, मीन) गहरी अनुभूति वाली, सहानुभूतिपूर्ण और सर्जनात्मक होती हैं।

ग्रह और उनका प्रभाव

हर राशि का एक स्वामी ग्रह होता है जो उसके चरित्र को आकार देता है:

Mars
मेष, वृश्चिक
Venus
वृषभ, तुला
Mercury
मिथुन, कन्या
Moon
कर्क
Sun
सिंह
Jupiter
धनु
Saturn
मकर
Uranus
कुम्भ
Neptune
मीन

राशिफल कैसे काम करता है?

ज्योतिषी आपकी जन्म तिथि, समय और स्थान के आधार पर आपकी जन्म कुण्डली बनाते हैं। कुण्डली बताती है कि आपके जन्म के समय ग्रह कहाँ थे और उनके बीच क्या सम्बन्ध थे।

दैनिक, साप्ताहिक, मासिक और वार्षिक राशिफल ग्रहों की वर्तमान गति और चयनित समय-अवधि पर उनके प्रभाव को पढ़कर तैयार किए जाते हैं।

ज्योतिष के प्रकार

पाश्चात्य ज्योतिष

ग्रीक और रोमन परम्परा पर आधारित। सूर्य-आधारित राशिचक्र का प्रयोग और व्यक्तित्व विश्लेषण पर ज़ोर।

भारतीय ज्योतिष

हज़ारों साल पुराना। जन्म कुण्डली, दशा और ग्रहों के प्रभाव पर विशेष ज़ोर देता है।

चीनी ज्योतिष

12 पशुओं का चक्र — हर वर्ष किसी एक पशु से जुड़ा होता है। जन्म-वर्ष के अनुसार व्यक्तित्व का विश्लेषण।

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