आज की चन्द्र कला
शुक्रवार, 14 अगस्त 2026
शुक्ल पक्ष का प्रारम्भ
अपने संकल्पों पर कार्रवाई करने का समय
इस कला के प्रभाव
- ठोस कदम उठाएँ
- गति बढ़ाएँ
- योजनाएँ बनाएँ
अगली पूर्णिमा
अगली पूर्णिमा — पूर्णता और मुक्ति का क्षण। ज्योतिष में पूर्णिमा जीवन में मोड़ लाती है और हमें यह सोचने का अवसर देती है कि क्या रखना है और क्या छोड़ देना है।
चन्द्रमा की 8 कलाएँ
अमावस्या
नई शुरुआत और संकल्प लेने का समय
- नई परियोजनाएँ शुरू करने का सबसे अच्छा समय
- लक्ष्य और इरादे तय करें
- व्यक्तिगत विकास पर ध्यान दें
शुक्ल पक्ष का प्रारम्भ
अपने संकल्पों पर कार्रवाई करने का समय
- ठोस कदम उठाएँ
- गति बढ़ाएँ
- योजनाएँ बनाएँ
प्रथम चतुर्थांश
चुनौतियों का सामना करने का समय
- बाधाओं का सामना करें
- समायोजन करें
- प्रतिबद्ध रहें
शुक्ल पक्ष का अन्त
परिमार्जन और समायोजन का समय
- अपनी पद्धति परिष्कृत करें
- सुधार करें
- पूर्णता के लिए तैयार हों
पूर्णिमा
पूर्णता और मुक्ति का समय
- उपलब्धियों का जश्न मनाएँ
- जो अब काम नहीं आता उसे छोड़ दें
- कृतज्ञता व्यक्त करें
कृष्ण पक्ष का प्रारम्भ
साझा करने और कृतज्ञता का समय
- अपना ज्ञान साझा करें
- दूसरों की मदद करें
- सीखे गए पाठों पर विचार करें
अन्तिम चतुर्थांश
क्षमा करने और छोड़ देने का समय
- स्वयं और दूसरों को क्षमा करें
- द्वेष छोड़ें
- नकारात्मक ऊर्जा मुक्त करें
कृष्ण पक्ष का अन्त
विश्राम और चिन्तन का समय
- विश्राम करें और ऊर्जा भरें
- चक्र पर विचार करें
- नई शुरुआत के लिए तैयार हों
चन्द्र चक्र के बारे में
चन्द्रमा की कला हमारे दैनिक जीवन की लय पर गहरा प्रभाव डालती है। हर कला की अपनी ऊर्जा और अर्थ है — जो हमारे कार्य, सम्बन्धों और व्यक्तिगत विकास को आकार देती है।
पूर्णिमा पूर्णता और मुक्ति की कला है, अमावस्या नई शुरुआत की। चन्द्र चक्र को समझकर आप अपने मूड, योजनाओं और निर्णयों के समय को बेहतर समझ पाते हैं।